अमरनाथ गुफा के मंदिर में आयोजित की गयी पहली पूजा, 30 जून से शुरू हो रही यात्रा


अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर है। 30 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है जो 11 अगस्त तक चलेगी। इसके साथ ही  ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर अमरनाथ की पवित्र गुफा में वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच प्रथम पूजा भी की गई है। इस दौरान बाबा बर्फानी पूरे आकार में विराजमान नजर भी आ रहे हैं। प्रथम पूजा को ही अमरनाथ यात्रा का पारंपरिक शुरुआत माना जाता है। यह यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो इसके लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लिया जाता है। गुफा में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिश्वर कुमार ने अधिकारियों के साथ विधिवत पूजा अर्चना की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भगवान शिव के भक्तों के लिए सुरक्षित और परेशानी मुक्त यात्रा बनाने का प्रबंध प्रशासन की ओर से लगातार किया जा रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार आवाजाही और आवास क्षमता में बढ़ोतरी कर दी गई है। 

आपको बता दें कि 2 सालों के बाद अमरनाथ यात्रा इस बार शुरू हो रही है। 2020 और 2021 में कोरोना वायरस महामारी की वजह से यह यात्रा नहीं हो पाई थी। जबकि 2019 में भी अनुच्छेद 370 खत्म होने की वजह से इसे बीच में ही रोक दिया गया था। प्रशासन को इस बात की उम्मीद है कि इस बार अमरनाथ यात्रा में करीब 10 लाख श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। फिलहाल व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी जुटे हुए हैं। फिलहाल अमरनाथ यात्रा के लिए एडवांस में पंजीकरण भी किया जा रहा है। इस बार देश दुनिया के भक्तों के लिए वर्चुअल पूजा, वर्चुअल हवन और ऑनलाइन प्रसाद बुकिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है। 

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने अमरनाथ यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए एक प्रभावी तंत्र बनाने का आह्वान किया और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का पर्याप्त उपयोग करने का निर्देश दिया। डीजीपी सिंह ने यहां पुलिस नियंत्रण कक्ष में, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रा के लिए कर्मियों की तैनाती की समीक्षा के लिए पुलिस, नागरिक प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रमुख ने तीर्थयात्रियों के आधार शिविरों में सुरक्षा के हर संभव इंतजाम करने और संचार नेटवर्क को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों पर यातायात प्रबंधन के प्रभावी और नियोजित विनियमन, वाहनों की पार्किंग और पहलगाम तथा बालटाल के मार्गों पर पुलिसबलों की तैनाती पर जोर दिया।