इंग्लैंड के चार विकेट चटकाने वाले मोहम्मद सिराज ने आखिर क्यों बोला- धैर्य रखना पड़ता है


बर्मिंघम। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा है कि जब बल्लेबाज ने आक्रामक रवैया अपनाया हो तो गेंदबाज के लिए धैर्य रखना जरूरी होता है। जॉनी बेयरस्टो (140 गेंद में 106 रन) ने भारत के खिलाफ मौजूदा पांचवें टेस्ट के तीसरे दिन रविवार को इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान आक्रामक रुख अपनाया और लगातार तीसरे टेस्ट में शतक जड़ा। उनके शतक की मदद से इंग्लैंड ने भारत के 416 रन के जवाब में पहली पारी में 284 रन बनाए। बेयरस्टो ने धीमी शुरुआत के बाद आक्रामक रुख अपनाया और अपनी पारी में 14 चौके और दो छक्के मारे।

मेहमान टीम के लिए मैच में अब तक सबसे सफल गेंदबाज सिराज (66 रन पर चार विकेट) ने कहा कि बेयरस्टो के तूफानी तेवरों से भारतीय गेंदबाज परेशान नहीं थे। सिराज ने रविवार को तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘गेंदबाज के रूप में हमें सिर्फ धैर्य रखना होता है। बेयरस्टो फॉर्म में है और न्यूजीलैंड श्रृंखला से ही वह लगातार आक्रामक बल्लेबाजी कर रहा है। इसलिए हमें पता था कि उसका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी योजना सामान्य सी थी कि अपने बेसिक्स पर कायम रहना है। हमें अपनी क्षमता पर विश्वास रखना होगा, फिर चाहे वह कुछ भी करे, यह सिर्फ एक गेंद की बात थी- यह चाहे इनस्विंग हो या पिच से सीम करती गेंद।’’ इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘इंग्लैंड में बल्लेबाज को कई बार छकाना सामान्य सी बात है, आपको बस धैर्य रखना होता है और प्रक्रिया पर ध्यान लगाना होता है।’’

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सिराज ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने अपनी तैयारी बखूबी की है और उन्हें इंग्लैंड के बल्लेबाजों के कमजोर पहलुओं की जानकारी है। सिराज ने कहा, ‘‘जब हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला देखी तो महसूस किया कि हमारा प्रत्येक गेंदबाज 140किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करता है जो उनके (न्यूजीलैंड के गेंदबाजों) पास नहीं था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास क्षमता है और हम पिछले साल भी इंग्लैंड के खिलाफ खेले थे। इसलिए यह हमारे लिए फायदे की स्थिति है क्योंकि हमें उनके कमजोर पक्षों की जानकारी है और यही कारण है कि हमें सफलता मिली।’’ भारत ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 125 रन बनाकर अपनी कुल बढ़त को 257 रन तक पहुंचा दिया है। सिराज का मानना है कि एजबस्टन में इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए दूसरी पारी में 350 से अधिक का कोई भी लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘पहली पारी में शुरुआत में पिच गेंदबाजों की मददगार थी लेकिन बाद में यह सपाट हो गई। इसलिए हमारी योजना लगातार एक क्षेत्र में गेंदबाजी करने की थी। अगर हम चीजों को असानी से लेते तो हमारे खिलाफ काफी रन बनते।’’ सिराज ने कहा, ‘‘गेंद नीची भी रह रही है। इसलिए दूसरी पारी में यह हमारे लिए मददगार होगा।’’ तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर पुजारा 50 जबकि ऋषभ पंत 30 रन बनाकर खेल रहे थे। सिराज ने कहा, ‘‘वह (पुजारा) एक योद्धा है। आस्ट्रेलिया में उसने करके दिखाया और यहां भी वह अपना काम कर रहा है। जब भी टीम को जरूरत होती है तो वह खड़ा रहता है।

जब भी हालात मुश्किल होते हैं तो वह हमेशा काम करने के लिए तैयार रहता है।’’ कार्यवाहक कप्तान जसप्रीत बुमराह के संदर्भ में हैदराबाद के तेज गेंदबाज सिराज ने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी और कप्तान के रूप में वह अलग नहीं है। वह हमेशा मदद के लिए तैयार रहता है। मैं जब भी कुछ गलत करता हूं तो वह मुझे समझाने का प्रयास करता है कि निश्चित हालात में कैसी गेंदबाजी करनी है।