मुहम्मदाबाद शिवपूजन व कासिमाबाद हो सुहेलदेव नगर


गाजीपुर (काशीवार्ता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सैदपुर आगमन के दौरान बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की दो मांगें जिले की सियासत को गरमा दिया। उन्होंने सीएम से मांग किया कि मुहम्मदाबाद का नाम शिवपूजन राय एवं कासिमाबाद का नाम राजा सुहेलदेव के नाम से रखा जाए। उन्होंने कहा कि गाजीपुर जिले का गौरवशाली इतिहास है। इस पर मुख्यमंत्री को ध्यान देना चाहिए। हालांकि सीएम ने इसकी घोषणा तो नहीं की, लेकिन उन्होंने जिले का नाम रामायण काल से अवश्य जोड़ा। बलिया सांसद की इस मांग को विपक्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहा है।
बतादें कि कासिमबाद मीर कासिमाबाद राजा के नाम पर पड़ा था। यहां पर तहसील, ब्लाक और कोतवाली के अलावा कुछ भी नहीं है। यहां की पूर्वांचल सहकारी कताई मिल खंडहर में तब्दील हो गई है। कासिमाबाद के लोगों ने कहा कि अगर सांसद को सीएम से कुछ मांगना ही चाहिए तो पूर्वांचल सहकारी कताई मिल को चालू करा दिए होते। मिल चालू हुई तो हजारों लोगों के हाथों को काम मिलेगा। लेकिन यहां पर सांसद ने राजभर वोटों को भाजपा के पाले में करने के लिए राजा सुहेलदेव के नाम पर कासिमाबाद का नाम रखने की मांग की।
इसके साथ ही मुहम्मदाबाद का नाम शहीद शिवपूजन राय रखा जाए। शिवपूजन राय शहीद थे उनके नाम पर मुहम्मदाबाद नाम रखना यहां के लिए गौरव की बात है। सांसद ने सीएम से कहा कि इस पर विचार करने की जरूरत है। देखा जाए तो सीएम की सभा में सांसद के अलावा किसी विधायक या एमएलसी के साथ ही भाजपा के नेताआें को बोलने का अवसर नहीं दिया गया। इस पर अंदरखाने बेहद नाराजगी है। भाजपा के नेताओं ने आपस में चर्चा किया कि विधानसभा चुनाव आ रहा है ऐसे में नेताओं एवं विधायकों को सीएम के सामने बोलने नहीं दिया जाएगा तो इसका बहुत बड़ा दुष्प्रभाव पड़ेगा। सैदपुर की रैली की सफलता की कहानी की कम चर्चा कम की जा रही है और नेताओं की नाराजगी की अधिक चर्चा हो रही है। भाजपा कार्यकर्ता आपस में यह चर्चा कर रहे हैं कि आखिर सीएम के मंच पर नेताओं को बोलने और ना बोलने की सूची किसने तैयार की। उसका नाम सार्वजनिक होना चाहिए। ताकि उससे भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता यह सवाल उठा सकें कि क्या सीएम कार्यालय से ऐसा कहा गया था कि सिर्फ बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ही भाषण देंगे। इसके साथ ही भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। कई भाजपा के महामत्रियों को मंच पर जगह तक नहीं मिली। जमानियां को छोड़ दिया जाए तो अन्य जगहों की भीड़ लाने पर भी बहस छिड़ी हुई है। हालांकि इस सवाल पर भाजपा जिलाध्यक्ष का मोबाइल नेटवर्क एरिया से बाहर मिला।
नई शिक्षक भर्ती के लिए सौंपा ज्ञापन
देवकली/गाजीपुर (काशीवार्ता)। मुख्यमंत्री के जिले में दौरे पर टेट ,सीटेट पास अभ्यर्थियों ने नई शिक्षक भर्ती के लिए ज्ञापन सौंपा। साथ ही टाउननेशनल कालेज में हुए कार्यक्रम में बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, मुहम्मदाबाद विधायक अलका राय व सदर विधायक संगीता बलवंत को भी ज्ञापन दिया। डीएलएड मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशु यादव ने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों की रिपोर्ट के लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल के नेतृत्व में कमेटी गठित की गई है। उम्मीद है कि जल्द सरकार रिपोर्ट आते ही नई शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करेगी। अन्यथा प्रदेश भर के छात्र सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।