ऊँ नमो भगवते श्री गोविन्दाय मंत्र से हर काम होंगे कामयाब


माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी का नाम जया एकादशी है। जया एकादशी सभी पापों को हरने वाली और उत्तम कही गई है। पवित्र होने के कारण यह एकादशी व्यक्ति के सभी पापों का नाश करती है। इसका प्रत्येक वर्ष व्रत करने से मनुष्यों को भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति नीच योनि तथा भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से भी मुक्त हो जाता है। जया एकादशी पर व्रत पूजा पाठ करने से ब्रह्महत्या जैसे पापों से भी मुक्ति मिलती है। हर कार्य मे विजय के लिए जया एकादशी की पूजा की जाती है।
जया एकादशी पर क्या करें खास?- जया एकादशी पर जरूरतमंद लोगों की मदद करने का संकल्प लें। सुबह के समय पीपल के छोटे-छोटे दो पौधे मंदिर में लगाएं। पीपल और केले के पेड़ के नीचे घी का दीपक अवश्य जलाएं।
जया एकादशी पर करें तुलसी माला धारण- ज्योतिष के अनुसार तुलसी की माला पहनने से बुध और गुरू ग्रह बलवान होते हैं। शास्त्रों के अनुसार तुलसी की माला पहनने से सभी प्रकार की सुख मिलते हैं और कोई बुरी नजर नहीं लगती है। तुलसी की माला पहनने से पहले गंगाजल और धूप जरूर दिखाएं। तुलसी की माला पहनने से पहले मंदिर में जाकर श्रीहरि की पूजा करें। जो लोग तुलसी की माला पहनते हैं उन्हें प्याज लहसुन और मांसाहार से दूर रहना चाहिए।
हर कार्य में सफलता का वरदान- जया एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठें। साफ हलके पीले रंग के कपड़े पहनें। एक सफेद जनेऊ को केसर से रंगे और 5 स्वच्छ पीले फल लें। तुलसी की माला से पीले आसन पर बैठकर ॐ नमो भगवते श्रीगोविन्दाय मंत्र का एक माला जाप करें। इस मंत्र का जाप करने आपको हर क्षेत्र में कामयाबी मिलेगी। जाप के बाद जनेऊ और पीले फल भगवान विष्णु के मंदिर में अर्पण कर दें। मन की इच्छा भगवान विष्णु के सामने जरूर कहें। स्वयं प्रसाद के रूप में एक फल घर पर ले आएं और परिवार के सभी सदस्यों को दें।