ज्ञानवापी में मौजूद ‘शिवलिंग’ का वीडियो लीक, दीवारों पर त्रिशूल और स्वास्तिक के निशान


वाराणसी के ज्ञानवापी का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आखिरकार ज्ञानवापी की हकीकत क्या है, इसको सब जानना चाहते हैं। इन सबके बीच वाराणसी कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर में जो सर्वे और वीडियोग्राफी किया गया, उसकी फुटेज लीक हो गई है। दरअसल, कोर्ट की ओर से हिंदू और मुस्लिम पक्षों को एक्सक्लूसिव वीडियो सौंपा गया था। लेकिन अब मीडिया के सामने यह वीडियो आ चुका है। जो वीडियो सामने आया है वह सर्वे के दौरान है का है और इसमें कोर्ट कमिश्नर सहित दोनों पक्षों के वकील भी आपस में बात करते सुनाई दे रहे हैं। यह वीडियो टीवी चैनलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल है। 

जो वीडियो सामने आया है उसमें शिवलिंग के आकार की कोई आकृति दिखाई दे रही है। शिवलिंग के आकार वाली चीज के ऊपर सीमेंट रखा गया है जिसे टुकड़ों में काटा गया है। देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की गई है। इसके बीच में छेद करने की भी कोशिश की गई है। हिंदू पक्ष का अब दावा है कि हमारे आराध्य देव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। दरअसल, ज्ञानवापी परिसर में हौद जैसा एक क्षेत्र है। इस हौद के बीच में कुएं के आकार कुछ बनाया गया है और उसी के बीचो-बीच शिवलिंग दिखाई दे रहा है। कुएं में पानी भरा हुआ था जिसे निकाला गया जिसके बाद शिवलिंग के आकार की पूरी आकृति दिखाई दे रही है। हिंदू पक्ष से लगातार दावा है कि यह शिवलिंग है और हमें पूजा का अधिकार मिले। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष भी इस बात पर अड़ा हुआ है कि यह शिवलिंग नहीं, फव्वारा है।

एक अन्य वीडियो भी सामने आया है जिसमें मस्जिद के अंदर त्रिशूल दिख रहा है। मस्जिद के दीवारों पर त्रिशूल की आकृति देखने को मिली है। साथ ही साथ कमल के चिन्ह भी मिले हैं जो कि हिंदू धर्म के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि नंदी बाबा से शिवलिंग जैसी आकृति की दूरी सिर्फ 83 फीट की है। मस्जिद के पश्चिम दीवारों पर ऐसी तस्वीरें देखने को मिली है जिसके बाद यह दावा किया जा सकता है कि यह पहले मंदिर रहा होगा। त्रिशूल के अलावा स्वास्तिक के भी निशान मिले हैं। 

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के वीडियो लीक पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि कोर्ट द्वारा वीडियो लीक की प्रमाणित कॉपी हमें कल करीब 6:30 बजे सील्ड कवर में मिली और 7 बजे मैंने प्रेस वार्ता कर कहा कि ये वैसे ही सील्ड कवर में है और आज हम इसे कोर्ट को वापस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम 4 तारीख को होने वाली सुनवाई की मेरिट्स तैयारी कर रहे हैं और मुस्लिम पक्ष ने जो-जो बातें कही हैं उस पर हमारा जवाब तैयार है। दीन मोहम्मद जजमेंट की बात उन्होंने की है तो मेरा मानना है कि वो केस हम पर उपयुक्त नहीं है। वीडियो लीक होने के मामले में आज चारों वादी महिलाएं अपना सीलबंद लिफाफा कोर्ट में सरेंडर करेंगी। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले की सुनवाई करने के औचित्य के मुद्दे पर सोमवार को भी मुस्लिम पक्ष की जिरह पूरी नहीं हो पाई। अदालत ने मामले की सुनवाई की अगली तिथि चार जुलाई नियत की है।