सिग्नेचर ब्रिज का डीपीआर रेल मंत्रलाय को भेजा


वाराणसी(काशीवार्ता)। कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) से एक सितंबर से प्रस्तावित यार्ड री- माडलिंग कार्य 45 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए उत्तर रेलवे के सभी मंडलों से पांच सौ से ज्यादा रेलकर्मी बुलाए गए हैं। फुलवरिया फ्लाईओवर में रेलवे के हिस्से का काम भी दस दिन में पूरा कर लिया जाएगा। काशी स्टेशन पर विकास कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। सिग्नेचर ब्रिज का डीपीआर रेल मंत्रालय को भेज दिया गया है। कैंट पर आपात चिकित्सा कक्ष खोलने के लिए एनजीओ से प्रस्ताव मांगा जाएगा। यह जानकारी उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधुरी ने दी। वह सोमवार को कैंट स्टेशन पर निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने बताया कि वाराणसी जंक्शन के विकास कार्यों में ही कर्मचरी मल्टी स्टोरी भवन शामिल है। यात्री आश्रय हाल में पुराने के बदले नए एटीवीएम (आटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन) लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि यार्ड री-माडलिंग परियोजना पूरे जोन में सबसे बड़ी है। इसके लिए एडीआरएम (वाराणसी) समेत मंडल स्तर के अधिकारी यहां कैंप करेंगे। निर्धारित 15 अक्टूबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। कैंट स्टेशन से आसपास के स्टेशनों शिवपुर, लोहता, बनारस व वाराणसी सिटी के लिए साधन चलाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा। बताया कि लखनऊ से वाया अयोध्या-वाराणसी रूट पर वंदेभारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। इसके पूर्व उन्होंने फुलवरिया फ्लाईओवर का हाल जाना एवं कैंट स्टेशन स्थित प्लेटफार्मो का जायजा लिया।
फुलवरिया फोरलेन में अपने हिस्से का कार्य 10 दिनों में होगा पूर्ण