उपभोक्ताओं को बिना बाधा अनवरत विद्युत आपूर्ति देने का हो रहा प्रयास


उवाराणसी(काशीवार्ता)। विद्युत व्यवस्था में सुधार लाने और ओवरलोडिंग के चलते ट्रांसफार्मरों के जल जाने की समस्या से निबटने के लिए विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर 28 स्थानों पर चल रहे वर्कशापों से 450 ट्रांसफार्मर रिपेयर करके तैयार किये जा रहे हैं, जिन्हेें मांग के अनुरूप निर्धारित स्थानों पर भेजा जा रहा है। यह जानकारी आज डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने अनौपचारिक बातचीत में काशीवर्ता को दी। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मरों के खराब होने के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला मौसम की नमी और उमस का प्रभाव, दूसरा बिजली की मांग बढ़ने से लोड बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि 33 केवी ओवरलोडिंग ओटी ट्रांसफर की क्षमता वृद्धि और नए लाइनों का सृजन करने के लिए 21 जिलों मे प्रत्येक जिले को 420 करोड़ रुपए संसाधनों को ठीक करने के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रोजेक्ट बना कर टेंडर की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के साथ एक एडिशन योजना 339 करोड़ की इसके साथ जोड़ी गई है। क्योंकि जिलों में छोटे-छोटे ऐसे बहुत से काम होते हंै जिनके लिए धन की आवश्कता होती हैं। इसके लिए वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ और मऊ को इसमें शामिल किया गया है। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में विद्युत वितरण की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए 271 करोड़ रुपए की योजना शुरू की गई हैं, जिसके अंतर्गत सब स्टेशनों के रख-रखाव जर्जर तारों को बदलने जैसे कई कार्य होंगे। उन्होंने बताया कि आरडीएस के अंतर्गत जर्जर तार, 33 केवी, एलटी लाइन एबी केबल से बदले जाएंगे। इसके लिए भी 21 जिलों को प्रति जिले के हिसाब से 300 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जो 2 साल में अपने कार्य को पूरा करेंगे और मार्च तक 50 प्रतिशत कार्य को पूरा कर देना है। उन्होंने कहा कि मेरा यह प्रयास है कि कनेक्शन धारकों को बिजली की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए और उपभोक्ता समय से बकाए धनराशि को जमा करे, जिससे की राजस्व की कमी को दूर किया जा सके।
कंट्रोल रूम से बकाये के लिए लगातार हो रहे फोन
उन्होंने कहा कि राजस्व की वसूली को प्रभावी बनाने के लिए कंट्रोल रूम 1912 द्वारा लगातार बकाएदारों को फोन करके बकाया धनराशि जमा करने के लिए कहा जा रहा हैं। इसके लिए प्रत्येक जोनल अधिकारी को 300 बड़े बकाएदारों की लिस्ट सौंपी गई है, जिससे कि वह बकाएदरों को फोन कर बिल जमा करने के लिए कहे और अगर बिल में कोई त्रुटि हो तो उसे संशोधित कर जमा कराए।